भूमिका
विलियम शेक्सपियर का नाटक Macbeth एक शोकांतक (tragedy) नाटक है, जिसे 1606 के आसपास लिखा गया था। यह नाटक शक्ति, महत्वाकांक्षा, अपराधबोध और भाग्य की भूमिका जैसे विषयों पर केंद्रित है। Macbeth, जो स्कॉटलैंड का एक बहादुर सेनापति होता है, तीन चुड़ैलों (Three Witches) की भविष्यवाणी सुनकर महत्त्वाकांक्षी हो जाता है और राजा बनने की लालसा में हत्या का रास्ता अपनाता है। यह नाटक इस बात का गहरा विश्लेषण करता है कि सत्ता की भूख कैसे एक व्यक्ति को पतन की ओर ले जाती है।
शेक्सपियर ने इस नाटक को इंग्लैंड के राजा James I के शासनकाल में लिखा था। यह नाटक ऐतिहासिक रूप से 11वीं शताब्दी के स्कॉटिश राजा Macbeth of Scotland के जीवन से प्रेरित है, हालांकि शेक्सपियर ने इसे नाटकीय प्रभाव के लिए परिवर्तित किया।
संक्षिप्त कथानक
अंक 1
नाटक की शुरुआत एक अंधेरी और तूफानी रात में होती है, जहां तीन चुड़ैलें (Three Witches) प्रकट होती हैं और नाटक के मुख्य विषयों—भविष्यवाणी और भाग्य—की भूमिका स्थापित करती हैं।
इसके बाद, युद्ध के मैदान पर Macbeth और Banquo की विजयी वापसी होती है। स्कॉटलैंड के राजा Duncan के खिलाफ विद्रोह करने वाले नॉर्वेजियन और स्कॉटिश गद्दारों को हराने के लिए Macbeth को सम्मानित किया जाता है। इसी बीच, तीन चुड़ैलें Macbeth और Banquo से मिलती हैं और भविष्यवाणी करती हैं:
- Macbeth “Thane of Glamis” (जो वह पहले से ही है) और “Thane of Cawdor” (जो वह बनने वाला है) और अंततः स्कॉटलैंड का राजा बनेगा।
- Banquo राजा नहीं बनेगा, लेकिन उसके वंशज राजा बनेंगे।
Macbeth इन भविष्यवाणियों से चकित होता है, लेकिन जब राजा Duncan उसे “Thane of Cawdor” की उपाधि प्रदान करता है, तो उसे चुड़ैलों की शक्ति पर भरोसा होने लगता है।
अंक 2
Macbeth जब अपने महल लौटता है, तो वह अपनी पत्नी Lady Macbeth को पूरी घटना के बारे में बताता है। Lady Macbeth अत्यंत महत्वाकांक्षी महिला है और वह चाहती है कि Macbeth राजा बनने के लिए किसी भी हद तक जाए।
जब राजा Duncan एक रात Macbeth के महल में ठहरने आता है, तो Lady Macbeth अपने पति को उसे मारने के लिए उकसाती है। Macbeth पहले हिचकिचाता है, लेकिन फिर वह राजा को सोते समय चाकू मारकर हत्या कर देता है।
इसके बाद, Lady Macbeth खून से सने हुए खंजरों को राजघराने के सेवकों के पास रख देती है ताकि उन पर हत्या का आरोप लगे। अगली सुबह, Macduff इस हत्या का पता लगाता है, और पूरे राज्य में अफरा-तफरी मच जाती है। Duncan के बेटों, Malcolm और Donalbain, को डर लगता है कि उनकी भी हत्या हो सकती है, इसलिए वे इंग्लैंड और आयरलैंड भाग जाते हैं।
इस कारण, Macbeth को राजा घोषित कर दिया जाता है, लेकिन उसे शक होता है कि Banquo की संतानें भविष्य में राज करेंगी।
अंक 3
अब राजा बनने के बाद, Macbeth अपने शासन को सुरक्षित करना चाहता है। उसे लगता है कि Banquo और उसका बेटा Fleance उसके लिए खतरा बन सकते हैं।
इसलिए, वह कुछ हत्यारों को भेजकर Banquo की हत्या करवाता है, लेकिन Fleance बचकर भाग जाता है।
उसी रात, Macbeth अपने महल में भोज का आयोजन करता है, लेकिन वहां उसे Banquo का भूत दिखाई देने लगता है। उसका मानसिक संतुलन बिगड़ने लगता है, जिससे दरबार के लोग उसके व्यवहार पर शक करने लगते हैं।
अंक 4
Macbeth, तीन चुड़ैलों के पास जाकर फिर से भविष्यवाणी सुनता है:
- उसे किसी व्यक्ति से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कोई भी “औरत से जन्मा” पुरुष उसे नहीं मार सकता।
- जब तक “Birnam Wood” (बर्नम का जंगल) Macbeth के किले “Dunsinane” की ओर नहीं बढ़ता, तब तक वह अजेय रहेगा।
ये भविष्यवाणियाँ सुनकर, Macbeth और अधिक अहंकारी और निर्दयी हो जाता है। वह Macduff के परिवार की हत्या करवा देता है।
अंक 5
Lady Macbeth अब अपने किए पर पछताने लगती है। वह नींद में चलने लगती है और बार-बार अपने हाथों से खून साफ करने की कोशिश करती है, यह कहते हुए:
“Out, damned spot! Out, I say!” (अंक 5, दृश्य 1)
वह अंततः आत्महत्या कर लेती है।
इस बीच, Malcolm, Macduff, और अन्य विद्रोही सेनाएं इंग्लैंड से आकर Macbeth पर हमला करती हैं। वे बर्नम के जंगल से शाखाएँ लेकर चलते हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि जंगल Dunsinane की ओर बढ़ रहा है, और भविष्यवाणी सच साबित होती है।
अंत में, Macduff, जो “C-section” से जन्मा था (अर्थात् उसकी माँ की सामान्य डिलीवरी नहीं हुई थी), Macbeth को मार देता है।
Malcolm को स्कॉटलैंड का नया राजा घोषित किया जाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य और उद्धरण
- “Fair is foul, and foul is fair” (Act 1, Scene 1)
- यह कथन नाटक की थीम को दर्शाता है कि सही और गलत में भेद करना कठिन हो सकता है।
- “Is this a dagger which I see before me?” (Act 2, Scene 1)
- यह उद्धरण Macbeth के मानसिक संघर्ष को दर्शाता है।
- “Tomorrow, and tomorrow, and tomorrow” (Act 5, Scene 5)
- यह प्रसिद्ध मोनोलॉग जीवन की व्यर्थता और क्षणभंगुरता को दर्शाता है।
प्रभाव और आलोचनाएँ
- Samuel Johnson ने कहा कि Macbeth की जटिलता और नैतिक संघर्ष इसे विशेष बनाते हैं।
- A.C. Bradley ने इसे शेक्सपियर की महानतम त्रासदियों में से एक माना।
- T.S. Eliot ने इस नाटक की गहराई की सराहना की, लेकिन यह भी कहा कि इसका समापन अपेक्षाकृत सरल था।
निष्कर्ष
Macbeth केवल सत्ता और महत्वाकांक्षा की कहानी नहीं है, बल्कि यह नाटक मानव मनोविज्ञान, अपराधबोध, भाग्य और नैतिकता की जटिलताओं को उजागर करता है। Macbeth का पतन हमें यह संदेश देता है कि अनैतिक रूप से प्राप्त की गई सत्ता अंततः विनाश की ओर ले जाती है। यह नाटक आज भी राजनीति, नैतिकता और शक्ति के दुष्परिणामों पर गहन चिंतन प्रदान करता है।



